हरियाणा, करनाल : दिनांक 21.05.2019 को पुलिस चौकी सेक्टर-9 करनाल में फोन के माध्यम से सुचना प्राप्त हुई कि मकान नं.-928 सेक्टर-9 करनाल में लुट की वारदात हो गई हैं। जो सुचना मिलते ही करनाल पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया।

घटनास्थल पर मुदईया ज्योतिराव पत्नी कार्तिक राव ने शिकायत दी कि मेरे नौकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर मुझे व मेरी नौकरानी को पिस्तौल व चाकु की नौक पर बंधक बना लिया और हमारे घर में लुट की वारदात को अंजाम दिया।

मुदईया ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उसके घर से लाखों रुपये कैश, जेवर, एक गाड़ी व फोन इत्यादि काफी कुछ सामान लुट लिया हैं। पुलिस टीम द्वारा मुदईया की शिकायत पर थाना सिविल लाइन करनाल में मुकदमा नं.-409/21.05.2019 धारा 392, 506 भा.द.स. व धारा शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

यह मामला जैसे ही पुलिस अधीक्षक करनाल श्री सुरेन्द्र सिंह भौरिया के संज्ञान में आया तो उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल पुलिस की क्राइम युनिट सी.आई.ए-1 इन्चार्ज निरीक्षक दीपेन्द्र राणा को मामले की जांच कर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। निरीक्षक दीपेन्द्र राणा द्वारा उप-निरीक्षक नरेश कुमार की अध्यक्षता में एक टीम का गठन कर मामले की जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान नरेश कुमार ने अपनी टीम के साथ घटना स्थल का दौरा किया। उस मकान में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज खंगाली। परिजनों से नौकर के बारे में पूछताछ की। दिल्ली की जिस कंपनी से उन्होंने नौकर हायर किया था।  उसके बारे पता लगाया व वहां से उस नौकर के बारे में जानकारी हासिल की और उसके आधार पर उसके ठिकानों पर छापामारी की।

दिनांक 3.06.2019 की शाम को इन्चार्ज सी.आई.ए-1 निरीक्षक दीपेन्द्र राणा को गुप्त सुत्रों के हवाले से सुचना प्राप्त हुई कि सेक्टर-9 करनाल में लुट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के दो व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की आई-20 गाड़ी में यु.पी. की ओर से मंगलौरा नाका से होकर करनाल की सीमा में किसी वारदात को अंजाम देने के लिए दाखिल होगें।

सुचना मिलते ही इन्चार्ज सी.आई.ए-1 द्वारा उप-निरीक्षक नरेश कुमार व उनकी टीम को मेरठ रोड़ करनाल पर मंगलौरा नाका के पास नाकाबंदी करके आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए भेजा। जो पुलिस टीम ने तुरंत मेरठ रोड़ करनाल पर मंगलौरा क्षेत्र में नाकाबंदी करके दोनों आरोपियों को गाड़ी सहित धर दबोचा।

आरोपी….. 1. सरवन पुत्र मलखान और 2. प्रेमपाल पुत्र एवरन सिंह वासीयान पिरोरी थाना कंपिल जिला फर्रुखाबाद यूपी हाल जीत राम कालोनी नोएडा के कब्जे से पुलिस टीम को सेक्टर-9 से लुटे गए सामान से निम्न सामान बरामद हुआ।

आरोपियों के कब्जे से मौके पर एक देशी पिस्तौल 315 बौर, तीन जिंदा रौंद, एक कार आई-20 बरामद हुई। पुलिस पूछताछ पर आरोपियों ने अपने किराये के कमरे गिजोर सेक्टर-53 नोएडा से एक मोबाईल फोन सैमसंग, 6,00,000 लाख रुपये कैश और करीब 50,00,000 लाख रुपये की कीमत के सोने, चांदी व हीरों के जेवर व सामान बरामद करवाया।

आज दोनों आरोपियों को माननीय अदालत के सामने पेशकर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा और पूछताछ कर वारदात में आरोपियों के साथ शामिल उनके दो अन्य साथियों….. रणजीत पुत्र चन्देशवर ठाकुर वासी गांव बैलही जिला मधुबनी बिहार और पवन उर्फ सुरेन्द्र मांझी पुत्र हरीशचन्द्र वासी गांव बैलही जिला मधुबनी बिहार का पता लगाया जाएगा व लुटा गया अन्य सामान बरामद किया जाएगा और घटनास्थल की निशानदेही करवाई जाएगी।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पवन उर्फ सुरेंद्र मांझी पहले भी लुट मामले में गिरफ्तार हो चुका हैं, जो तिहाड़ जेल दिल्ली में बंद रहा। जेल में ही उसकी मुलाकात चोरी के मामले में बंद आरोपी सरवन से हुई और दोनों ने वहां से बाहर जाने के बाद किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी। आरोपी सरवन गतवर्ष 2018 में जेल से बाहर आया था और आरोपी पवन उर्फ सुरेन्द्र मांझी इसी वर्ष फरवरी माह में जेल से छुटा था।

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