जम्मू कश्मीर हुआ आज पूरी तरह से स्वतंत्र, मोदी सरकार की कश्‍मीर पर अगस्‍त क्रान्ति, एक देश एक विधान का नियम लागू 

प्रधानमंत्री 7 को करेंगे देश को सम्बोधित 

राज्य पुर्नगठन विधेयक पेश

दो हिस्सों में बटंवारा, लद्दाख को वगैर विधानसभा का दर्जा व जम्मू को केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा

नई दिल्ली :  देश के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्व रहा जब पूरी दुनिया ने भारत के अति संवेदनशील रहे जम्मू कश्मीर से धारा 35ए व 370 को समाप्त करने की घोषणा जैसे ही संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने 11 बजकर 20 मिनट पर किया तो पूरा देश खुशी से झूम उठा।

बताते चले कि भारतीय जनता पार्टी ने अति महत्वपूर्ण फैसलों के क्रम में इसी सत्र में तीन तलाक विल को पास कर के जो सिलसिला प्रारभ्भ किया था। उसकी परिणति जम्मू कश्मीर से 35ए व 370 को हटाकर की।

जैसे ही राज्य सभा में इसकी घोषणा की गई तो विरोध जबरजस्त तरीके से सामने आये और सदस्यों ने जमकर विरोध किया। लेकिन बावजूद इसके इसका कोई भी नतीजा देखने को नही मिला।

वही महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर के लिखा कि इसका गम्भीर परिणाम भुगतना होगा। वैसे ही गुलाम नबी आजाद ने जमकर विरोध जताया। जैसे लगता था कि इससे वे पाकिस्तानियों से दूर होते जा रहे हैं।

बता दे कि जिस समय भारत वर्ष में सभी प्रदेशों का विलय किया जा रहा था। उस समय 60 रियासतों के साथ ही जम्मू कश्मीर के राजा हरिसिंह ने भी हस्ताक्षर किया था। लेकिन इसके बाद भी कुछ अन्दरूनी कारणों से कश्मीर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा था।

जिसकी समाप्ति भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के कैबिनेट ने कर दिखाया। भारत वर्ष को 72 वें स्वतंत्रता दिवस के 10 दिन पूर्व ही सरकार ने एक और स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने को दे दिया।

वैसे देखा जाय तो इसकी तैयारी पहले से ही सरकार ने कर रखी थी जिसके तहत जम्मू में पहले 10 हजार सैनिक फिर 18 हजार सैनिकों को भेजकर अपनी मंशा स्पष्ठ कर दी थी कि कुछ तो जम्मू के लिए होना हैं।

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