24 अक्टूबर 2019: डॉ. हर्ष वर्धन जी ने नई दिल्ली में भारत में नैनोफार्मास्यूटिकल्‍स के मूल्यांकन के लिए दिशा-निर्देश दस्तावेज का विमोचन किया। इन दिशानिर्देशों को नैनो-फार्मास्युटिकल्स की गुणवत्ता, सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ नैनो-आधारित आविष्कारों के व्यवसायीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया हैं।

यह दस्तावेज बॉयो टेक्नोलॉजी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (डी.बी.टी.), भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद् (आई.सी.एम.आर.) एवं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सी.डी.एस.सी.ओ.) के संयुक्‍त प्रयास से तैयार किया गया हैं।

कार्यक्रम में दस्‍तावेज का विमोचन करने के बाद डॉ. हर्ष वर्धन जी ने कहा कि Global Bio India 2019 में, Nano Pharmaceuticals दवाओं की गुणवत्ता और प्रभाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिशा निर्देश तैयार किए गए हैं और इससे प्रौद्योगिकी आधारित आविष्कारों के व्यवसायीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा।

डॉ. हर्ष वर्धन जी ने कहा कि देश में बॉयो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी काम हो रहा हैं। इस क्षेत्र में कई स्टार्टअप और दुनिया भर से संभावित निवेशक भी आ रहे हैं। इस दिशा में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के साथ भारतीय उद्योग परिसंघ और इन्वेस्ट इंडिया की कोशिशों की डॉ. हर्ष वर्धन जी ने सराहना की

बॉयो टेक्नोलॉजी रिसर्च मानव शरीर को स्वस्थ्य रखने में भी कारगर होगा। इससे ना सिर्फ मानव शरीर को रोगों से मुक्ति मिलेगी बल्कि गरीबों की आर्थिक हालत भी सुधरेगी। बीमारी पर खर्च होने वाला उनका पैसा बचेगा।

डॉ. हर्ष वर्धन जी ने कहा कि कोलकाता में 5 से 8 नवंबर को India International Science Festival में इस बार बॉयो टेक्नोलॉजी को भी शामिल किया गया हैं और मुझे विश्वास हैं कि IISF2019 बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े सभी लोगों को एक मंच पर लाने का अच्छा माध्यम साबित होगा।

डॉ. हर्ष वर्धन जी ने कहा कि देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी काम हो रहा हैं। आज हम विश्व में Nanotechnology में तीसरे, सुनामी चेतावनी जारी करने में पहले, मौसम के अनुमान के मामले में चौथे और विज्ञान पब्लिकेशन में विश्व में 5वें नंबर पर हैं।

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