सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस, पड़ाव कैम्पस में

सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस, पड़ाव कैम्पस में “अंकुरण-2020” प्री एडुकेटर्स वर्कशॉप का आयोजन किया किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा का निर्वहन करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती डॉली भाटिया ने तुलसी वेदी के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया।

विद्यालय में आये हुए सभी लोगों का स्वागत स्मृति चिन्ह व बुके देकर किया गया। अयोजित कार्यशाला का उद्देश्य प्री प्राइमरी से कक्षा 2 तक की शिक्षा प्रणाली में आने वाली चुनौतियों एवं समाधान व उपयोगी आधुनिक तकनिकों के अनुप्रयोग के परिपेक्ष्य में शिक्षाविदों द्वारा समीक्षा करना था।

जैपुरिया स्कूल्स के चेयरमैन दीपक बजाज ने कहा कि वाराणसी व चंदौली क्षेत्र के शिक्षा जगत में यह सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस, पड़ाव कैम्पस द्वारा हमारा एक पहला अनूठा प्रयास किया जा रहा हैं। कार्यशाला में शिक्षाविदों द्वारा बताये गये टिप्स निश्चित रूप से आप सभी के लिए, स्कूलों व शिक्षकों क लिए काफी लाभप्रद होगा। जिससे बच्चों का शैक्षणिक ही नही बल्कि सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंध निदेशक मनोज बजाज ने कहा कि एक उद्यमशील नेतृत्व ही लोगों में उचित ढंग से कार्य करने की प्रवृत्ति जागृत करता हैं। सभी के अन्दर एक प्रबुद्ध नेतृत्व का लक्ष्य होना चाहिए सबको यथासंभव समर्थ बनना। मेरी शुभकामनाएं आप सब के साथ हैं। आप इसी प्रकार अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहिए।

शिक्षक बच्चों के जीवन के स्तम्भ होते हैं वह अपना अमूल्य समय देकर बच्चों के जीवन को सवारतें हैं और जीवन में आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं उनके विषय में कुछ भी कहना सूरज को दीपक दिखाने के समान हैं शिक्षण के ऋण से यदि उत्तीण होना चाहते हैं तो स्वयं को योग्य शिष्य के रूप में प्रतिष्ठित करना होगा, शिक्षक स्वयं परमात्मा से भी उच्च पद पर प्रतिष्ठित होते हैं।

मुख्य वक्ता के रूप में डॉली भाटिया (निदेशिका यूनिक एकेडेमी) ने अपने चालीस साल के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अगर अभिभावक चाहता की बच्चे को शिक्षक के पास चार घंटे देकर बच्चे को बदलने का ख्याल रखे तो वो गलत हैं क्योंकि अब वो पहले वाली पढ़ने की गुरुकुल परम्परा नही रही काफी कुछ पढ़ने पढ़ाने का तौर तारिका काफी कुछ बदल चूका हैं अब सभी शिक्षकों व अभिभावकों को अपनी सोच बदलनी होगी।

मानसी तयाल एकेडेमी मैनेजर (जैपुरिया कार्पोरेट समूह दिल्ली) ने कहा कि प्री प्राइमरी के बच्चों के लिए जैपुरिया के एक्सपर्ट कक्षा के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार करते हैं जो बच्चों को पढ़ने व समझने में और शिक्षक को बच्चों को पढ़ने में काफी सुविधाजनक होती हैं।

नीरू सान्याल (जैपुरिया कार्पोरेट समूह लखनऊ) ने कहा कि प्री प्राइमरी के बच्चे काफी छोटे होते हैं उन्हें पढ़ने से ज्यादा खेल के माध्यम से ज्यादा कुछ सिखाया जा सकता हैं और हम सबको बच्चों को प्यार से इनकों खेल के माध्यम से सिखाने की कोशिश करनी चाहिये ताकि उन्हें बच्चे आसानी से समझ सके।

आयोजित कार्यशाला में वाराणसी व चंदौली जनपद के लगभग 50 विद्यालयों के प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य व शिक्षक सम्मलित हुए। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन दीपक बजाज, प्रबंध निदेशक मनोज बजाज, निदेशक श्याम सुंदर बजाज, सिद्धांत सचदेवा प्रधानाचार्य आशीष सक्सेना, मुख्य अध्यापिका श्रीमती प्रियंका मुखर्जी आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में जैपुरिया स्कूल्स बनारस पड़ाव कैम्पस के प्रधानाचार्य आशीष सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापन किया।  कार्यक्रम का सञ्चालन सोफिया समीर व परणीता अग्रवाल ने किया।

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