सत्ता धारियों की नाकामी से झोलाछाप अस्पताल बन गया कमालपुर का नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र

चंदौली : सपा के राष्ट्रीय सचिव व सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने सोमवार को नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमालपुर पहुंचे। इस दौरान वहां की चिकित्सकीय प्रणाली को देख दंग रह गए। कम्प्यूटर से मरीजों से इलाज के नाम पर चले रहे खेल को पकड़ने के बाद जब कर्मचारियों को तलब किया तो वे इधर-उधर की बातें करने लगे।

वहीं अस्पताल में जमा मरीजों ने भी कई शिकायतें पूर्व विधायक के समक्ष रखी। कहा कि बिना चिकित्सक के अस्पताल का संचालन कर 50 गांव के मरीजों संग मजाक किया जा रहा हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से बने अस्पताल को सरकार व स्वास्थ्य महकमे ने झोलाछाप क्लिनिक बनाकर रख दिया।

जो सरकार अस्पताल को एक चिकित्सक उपलब्ध नहीं करा सकती, उससे बेहतर चिकित्सा सुविधा की उम्मीद करना बेमानी होगी। कहा कि सरकार टैली मेडिसीन के नाम पर हैदराबाद में बैठे चिकित्सक से कमालपुर के मरीजों का इलाज कराने का ढोंग व छलावा कर रही हैं।

चिकित्सकों द्वारा दवाएं ऐसी लिखी जा रही हैं जो पूरे जनपद में कहीं उपलब्ध नहीं हैं। 50 गांवों मरीज यहां अपना ईलाज कराने आते हैं, न की दवा के लिए दर-दर भटकने। ठेके पर रखे गए कर्मचारियों से अस्पताल चलाने का प्रयास किया जा रहा हैं।

ओपीडी के वक्त में फार्मासिस्ट गायब हैं और अयोग्य लोग मरीजों को दवाएं दे रहे हैं, जैसे यह कोई सरकारी अस्पताल नहीं बल्कि झोलाछाप क्लिनिक हो। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में डाक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं पूरे जनपद में कहीं किसी भी मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध नहीं हैं।

इस पर जब पूर्व विधायक ने कर्मचारियों को तलब किया तो वे उनके सवालों का जवाब नहीं दे पाए। कहा कि इस अस्पताल की दशा सुधारने के लिए क्या किया जाए ? कर्मचारियों को निकालकर ताला जड़ दिया जाए या फिर सरकार व स्वास्थ्य महकमा इसमें सुधार लाएगा।

सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि मेरे द्वारा बनवाए गए अस्पताल को जान-बूझकर चिकित्सक विहीन रखा जा रहा हैं। ये वही लोग हैं जो सैयदराजा में महिला डिग्री कालेज में पढ़ाई शुरू नहीं करा पाए। ऐसे लोग विकास के बड़े-बड़े दावे व वादे कर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

कमालपुर नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमालपुर की खामियां से व्यथित पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने तत्काल इस मामले के नोडल अफसर संजय से टेलीफोनिक बातचीत की। पूर्व विधायक ने कहा कि समस्या का समाधान कैसे हो आप यह बताएं। कहा कि बिना चिकित्सक व फार्मासिस्ट के ओपीडी का संचालन कर मरीजों की जान को दांव पर लगाया जा रहा हैं इसका जिम्मेदार कौन होगा। इस पर नोडल अफसर ने समस्या के निराकरण करने का भरोसा दिया।

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