नई दिल्ली : इंटरनेशनल लीडरशिप डेवलपमेंट कौंसिल के चेयरमैन प्रद्युम्न कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत में दिन प्रतिदिन बढ़ती विशाल बेरोजगारी की समस्या से छुटकारा पाना हैं तो भारतीय शिक्षा प्रणाली और उद्योग जगत को एक साथ आपस में मिलकर काम करना होगा। तब जाकर भारत बढ़ती बेरोजगारी से छुटकारा पाया जा सकता हैं। अकादमी एवं उद्योग जगत को मिलकर काम करने से भारतीय युवाओं को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी एवं रोजगार के लिए अन्यत्र भटकना नहीं पड़ेगा।

आज भारत एक युवा राष्ट्र के रूप में पुरे विश्व में उभर रहा हैं। युवा राष्ट्र, युवा जोश एवं युवा नेतृत्व आज चारों तरफ देश में अग्रसर होता दिखाई पड़ रहा हैं। भारत के यशस्वी एवं लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी ने युवाओं में कौशल विकास के लिए तो अलग मंत्रालय तक गठित कर दिया हैं।

हम लोग विगत कई वर्षों से सुनते आ रहे हैं कि उद्योग जगत और अकादमी को एक साथ मिलकर भारत के विकास के लिए काम करना चाहिए। ताकि भारत में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किया जा सकें।

इंटरनेशनल लीडरशिप डेवलपमेंट कौंसिल के चेयरमैन प्रद्युम्न कुमार सिन्हा ने बताया कि अब समय आ गया हैं कि हम लोगों को कौशल विकास के क्षेत्र में भरपूर कार्य कर युवाओं के अंदर कौशल विकसित करें।

भारत के युवाओं के अंदर इतना स्किल डेवलपमेंट, पर्सनालिटी डेवलपमेंट कर देना चाहिए। ताकि हमारे युवा अपना रोजगार स्थापित करें और दूसरे युवाओं को भी नौकरी देने का अवसर प्रदान कर सकें।

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