बिहार : बड़हरा प्रखंड के पंडितपुर गांव में फाल्गुन मास के विदाई के उपरांत चैत्र आगमन पर भव्य भोजपुरिया सांस्कृतिक सह सम्मान कार्यक्रम के तहत भोजपुरी के जाने-माने कलाकारों एवं साहित्य सेवी लोगों का अद्भुत जुटान संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम में भोजपुरी क्षेत्र के नामी-गिरामी कलाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। यह कार्यक्रम भोजपुरी के दुनिया में एक अद्भुत दृश्य को परिभाषित कर रहा था। इस संस्कृतिक सह सम्मान कार्यक्रम में आए हुए कलाकारों तथा अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र एवं माला से किया गया।

जिसमें भोजपुरी के अश्लील मुक्त गीतकार कुमार अजय सिंह को आयोजन कर्ता की ओर से साफ-सुथरे गीत लेखन के क्षेत्र में अंग वस्त्र एवं माला से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शास्त्रीय संगीत गायन के चर्चित कलाकार सर्वेश्वर पाठक का स्वागत किया गया तथा उनके द्वारा ही शास्त्रीय विधि से गायन कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया गया।

इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में नामी-गिरामी कलाकारों में झक्कड़ तिवारी ने करि सुमिरनवा हो बंदनवा गौरी लाल के, गीत से लोगों को खूब झुमाया। उसके बाद नंदजी कुमार चंद्रवंशी ने अपने गायकी के ठाट-बाट में आईल बीया नईकी दुल्हनिया ए रामा पेन्ह के नथुनिया, चैता गाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।

गायक देव कुमार सिंह चइत में आईल बानी सैयां हो, गीत का प्रदर्शन किए वही लखन उपाध्याय गायक ने सैयां ले गईले गवनवा रंगेली गोड़वा आंगन में, और बाबू कुंवर सिंह खाटी मर्दानावा ए रामा लोहा गाहे रण मैदानावा, चैता को गाकर अपनी पुरानी धुन में गीत को गाकर श्रोताओं के मन को मोह लिया।

जब की श्याम जी सिंह छोटू ने अपने अंदाज में हम ना जाईब बगिया में देवरु के संगवा, गीत को बड़े ही अच्छे तरीके से प्रस्तुत किया।

इसके अलावा वाद्य वादन के क्षेत्र में महारत हासिल करने वाले कलाकारों में तबला वादक वीरेंद्र पाठक नाल वादक इंद्रजीत सिंह बैंजो वादक कमलेश प्रसाद जोड़ी पर संजय शाह मनजीत तिवारी गोविंद जी तरंपीट वादक भोलू मियां के साथ तथा तीन योगीनीयो ने अपने थिरकते पांव से सारी रात अपने पायल की झंकार से श्रोताओं के दिल पर अपना कब्जा जमा लिया।

जिसमें माला कुमारी योगिनि को लोगों ने काफी पुरस्कार से नवाजा। चैत्र आगमन पर यह कार्यक्रम सराहनीय विषय वस्तु के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ हैं। इस कार्यक्रम के आयोजक भोजपुरी के जाने-माने गायक श्री राज किशोर पांडेय थे। तथा कार्यक्रम का संचालन गीतकार तथा भोजपुरी सेवक कुमार अजय सिंह के द्वारा किया गया।

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