पीटीआइ। कोरोना महामारी के दौर में धूम्रपान करने वाले लोग सचेत हो जाएं। धूम्रपान की लत कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह बन सकती है। वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया है कि धूम्रपान नहीं करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों के फेफ़़डों में वायरस के दाखिल होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। अमेरिका की साउथ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष मॉलीक्यूल राइबोन्यूक्लिक एसिड (आरएनए) के डाटाबेस के विश्लेषषण के आधार पर निकाला है।

अध्ययन में धूमपान छोड़ चुके और धूमपान करने वालों के फेफड़ों के टिश्यू पर आरएनए के प्रभाव की तुलना की गई। रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने श्वसन तंत्र में पाए जाने वाले एंजियोटेंसिन कंवर्टिग एंजाइम-2 (एसीई-2) नामक मॉलीक्यूल पर गौर किया। कोरोना वायरस इसी मॉलीक्यूल के उपयोग से जुड़ता है और शरीर में दाखिल होकर मानव कोशिकाओं को संक्रमित करता है। वैज्ञानिकों ने इंसानों में पाए जाने वाले दो तरह के एंजाइम एफयूआरआइएन और टीएमपीआरएसएस-2 पर भी गौर किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here