प्रीतमनगर कॉलोनी में गुरुवार को दिनदहाड़े व्यापारी तुलसीदास (66), उनकी पत्नी किरण (62), बेटी निहारिका (27) और बहू प्रियंका (32) की गला रेत कर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद घर पहुंचे इकलौते बेटे आतिश ने चार लोगों की हत्या की सूचना पुलिस को दी। घर के सभी सीसीटीवी कैमरे खराब थे और डीवीआर का पासवर्ड भी बेटा नहीं बता पा रहा था।

परिस्थितिजनक साक्ष्य के आधार पर पुलिस अफसरों ने इकलौते बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपी बेटे के पास से हत्या में इस्तेमाल हथियार और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। वारदात के पीछे पिता से संपत्ति का विवाद और अवैध रिश्ते की बात सामने आई है। पुलिस अफसर मामले की जांच में जुटे हैं।

प्रीतमनगर में विवेकानंद चौराहा निवासी आतिश उर्फ मुकेश केसरवानी की घर में ही एसी व कूलर की दुकान है। इसी मकान में उसके पिता की बल्ब व बिजली के उपकरण की दुकान है। मकान के एक हिस्से में उन्होंने गोदाम भी बनाया है। पुलिस को आतिश ने बताया कि गुरुवार दोपहर लगभग एक बजे वह कुछ काम से घर से निकला था। दोपहरबाद 3:30 बजे वह वापस लौटा। इस बीच उसके मां-बाप, बहन और पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पिता तुलसीदास की दुकान के शटर के पास और काउंटर के तरफ उसकी मां किरण देवी और बहन निहारिका की लाश मिली। पत्नी का शव ऊपर वाले कमरे में था।

इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलने के बाद एडीजी प्रेम प्रकाश, आईजी केपी सिंह, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव समेत शहर के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम कातिलों की सुरागरशी में जुट गई। पुलिस ने जब आतिश से पूछताछ शुरू की तो वह पुलिस के सवालों में फंस गया। बताया जा रहा है कि किसी से आतिश से लेनदेन का भी विवाद हुआ था। शिकायत करने पर उसके पिता ने मुकदमा दर्ज करने के लिए कह दिया था। संपत्ति का विवाद और पत्नी से बिगड़े रिश्ते के कारण उसने चारों की हत्या कर लूट का ड्रामा रचा था।

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