हसनपुर थाना क्षेत्र की मौजी पंचायत के संतोषी टोल से दो मई से लापता अधेड़ के कपड़े और उसके पास शव का अवशेष मिला। घटना की सूचना आग की तरह इलाके में फैली। कपड़े के आधार पर शव की पहचान की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी। साक्ष्य के आधार एक महिला व दो युवकों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही।

बताया जा रहा कि संतोषी टोल निवासी विष्णुदेव महतो दो मई 2020 की शाम में घर से निकले थे। लेकिन, सुबह तक घर नहीं लौटे। स्वजन ने खोजबीन शुरू की। लगातार चार दिनों तक की गई खोजबीन में कोई अता-पता नहीं चल सका। सात मई को अधेड़ के पुत्र सुजीत कुमार ने थाने में लापता से संबंधित सनहा दर्ज कराया। पुलिस ने अधेड़ के मोबाइल नंबर को ट्रैकिग डिवाइस पर डालकर उसकी कॉल डिटेल्स खंगालनी शुरू की। उस नंबर पर अंतिम बार थाना क्षेत्र के मालदह गांव के मुकेश कुमार महतो द्वारा बात करने का प्रमाण मिला। इस आधार पर थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने टीम गठित कर मुकेश को धर दबोचा। कई लोगों के नाम का पर्दाफाश

मुकेश ने पुलिस के समक्ष दिए स्वीकारात्मक बयान में विष्णुदेव की हत्या की बात कबूल कर इसमें शामिल कई लोगों के नामों का पर्दाफाश भी कर दिया। पुलिस ने मुकेश की निशानदेही पर अहिलवार पंचायत अंतर्गत मोतीथान टोला स्थित गन्ने के खेत से शव का अवशेष व कपड़े को बरामद कर लिया। साथ ही, मोतीथान टोला निवासी पप्पू महतो और उसकी पत्नी सावित्री देवी को भी गिरफ्तार कर गहन पूछताछ में जुट गई है। पति-पत्नी ने भी विष्णुदेव हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि पप्पू ने करीब एक साल पूर्व 15 कट्ठा जमीन विष्णुदेव के माध्यम से रजिस्ट्री कराई थी। इसमें दलाली के बदले कुछ विवाद सामने आ रहा था। इससे आजिज होकर सोची-समझी साजिश के तहत दो मई 2020 की रात विष्णुदेव महतो को बुलाकर गले में फंदा कसकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को गन्ने के खेत में छुपा दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि लापता अधेड़ के शव की शिनाख्त होने के बाद दर्ज सनहा को हत्या की प्राथमिकी में तब्दील कर गिरफ्तार लोगों को जेल भेज दिया जाएगा। हत्या में शामिल शेष बचे लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। एसडीपीओ ने प्रेम प्रसंग में हत्या की बात कही

एसडीपीओ शहरियार अख्तर ने शुक्रवार की शाम थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रेम प्रसंग को लेकर विष्णुदेव की हत्या हुई। मोबाइल फोन पर भी एक महिला से घंटों बात करने का पुख्ता प्रमाण मिला है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में विष्णुदेव ने कुछ अपनी जमीन उक्त महिला के नाम कर दी थी। इसके फलस्वरूप रास्ते से हटाने के लिए दो मई को विष्णुदेव को घर बुलाकर गला दबाकर हत्या कर दी गई। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को मोतीथान गांव स्थित राम सिंह के गन्ने के खेत में फेंक दिया। पुलिस द्वारा वैज्ञानिक तरीके से की गई जांच के आधार पर आरोपियों की हुई गिरफ्तार के उपरांत शव का अवशेष और कपड़े बरामद किया गया। विष्णुदेव हत्या की गुत्थी सुलझाने में थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी एवं अवर निरीक्षक अजित कुमार को पुरस्कृत के लिए अनुशंसा की जाएगी।

 

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