वाराणसी ।  ऐसे में जब लॉकडाउन एक और दो में सब कुछ ठहर गया था। आवश्यक वस्तुएं ही बमुश्किल उपलब्ध हो पा रही हैं। ऐसी परिस्थिति में जनपद में अपराधिक मामले में काफी कमी आई थी।कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए गांव से लेकर शहर तक मास्क लगाए शारीरिक दूरी का पालन करते लोगों के चेहरे साफ कह रहे हैं कि महामारी की लड़ाई का कठिन वक्त है। जनता कफ्र्यू के बाद  22 मार्च से देशभर में लॉकडाउन होने के जनपद में आपराधिक घटनाएं रोजाना दो तीन तक सीमित थी। वहीं आम दिनों की बात करें तो रोजाना जनपद के विभिन्न थानों में एक दिन में करीब 30 से 40  मुकदमें दर्ज होते थे। वहीं लॉकडाउन तीन व चार में थोड़ी छूट मिलने के बाद इन आकड़ों में तेजी आई है। रोजाना छोटी-छोटी बातों को लेकर मारपीट के साथ करीब 60 से 70 मामले रोजाना दर्ज हो रहे है। वहीं डायल 112 पर आई सूचना पर आकड़ें चौकाने वाले है।  22 मार्च से 25 मार्च तक आई सूचना 248 है। वहीं 15 अप्रैल से 18 अप्रैल तक आई सूचनाएं 218 है।  लॉकडाउन तीन में 10 मई से 14 मई तक ये आकड़ें बढ़कर 461 हो गए है।

शराब की दुकानें खुलने से आपराधिक मामलों में तेजी आई

जिले में महिला थाना व पर्यटक थाने को लेकर 27 थाने हैं। जनपद में लॉकडाउन के दौरान आपराधिक घटनाएं बहुत कम रही । इसके पहले जिले में हर दिन एक न एक संगीन आपराधिक घटनाओं समेत हर थानों में दो से तीन  मुकदमें रोजाना दर्ज  थी। लॉकडाउन तीन में शराब की दुकान खुलने व थोड़ी छुट मिलने के बाद एक बार आपराधिक मामलों में तेजी आई है।

लॉकडाउन एक व दो में महिला थाने में एक भी शिकायत नहीं

जिले में लगभग हर दिन होने वाले महिला अपराधों पर लॉकडाउन एक व दो में एकदम लगाम लग गई थी। महिला थाना प्रभारी प्रभा ने बताया कि आम दिनों में चार पांच शिकायत रोजाना दर्ज होती थी। लेकिन लॉकडाउन एक व दो में एक भी शिकायत नही दर्ज हुई। वहीं लॉकडाउन तीन  व चार में महिलाओं संबंधित मामले आने शुरू हो गए है। हालांकि उन्होने बताया कि आम दिनों की अपेक्षा अभी भी कम मामले आ रहे है।

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