चकिया प्रशासन की घोर लापरवाही

भीषण गर्मी में खाने को न चारा न धूप से बचने को छाॅंव

प्रदीप उपाध्याय व तरूणकान्त की सनसनीखेज रिर्पोट

चकिया,चंदौली। गौ माता को माॅ का दर्जा प्राप्त है। जहाॅं केन्द्र और राज्य सरकार गौ रक्षा के लिए काफी धन ब्यय कर रही है। और जो हिन्दू आस्था से भी जुड़ा प्रश्न है उसपर भी मिक्समरेजम से बाज नही आया जा रहा है। हाल क्या बयाॅं करें रोंगटे खड़े जो रहे है लिखते समय देखी गई चीजे लिखने में कलम भी जबाब देने लग रही है।
दर्दनाक मंजर को कैसे बयां करें जहाॅं अपने मामनीय मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री जी लोग चारे व रोटी खिलाने का काम करते है वही इस हालत को देखा नही जा रहा है। लेकिन क्या प्रशासन को भी कुछ दिखाई पड़ रहा है। शायद नही, उन्हे तो केवल कोरोना ही दिखाई पड़ रहा है। वह भी कही किसी जगह पाजीटिव मिलने की हालत में। तत्काल मुहकमें की धमा चैकड़ी नजर आने लग रही है। शायद यह भी नैतिकता भूल गये कि जिसे हम गौ माॅं कहते है उनकी इस हालत के जिम्मेदार चकिया नगर का प्रशासन पूरी तरह से है। बताते चले कि नगर स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में बने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की मंशा के अनुरूप बनाये गए गोशाला में जहाॅं वर्तमान समय में चार दर्जन से अधिक गो वंश मौजूद रहै। जिसमें से उनके दर्दनाक अंत का शिलसिला भी प्रारम्भ हो गया है।

शनिवार को एक तो रविवार को दो ने अपनी आहुति दे दी है। दुब्र्यवस्था का आलम यह है कि चारे के अभाव में तो कुछ पशु दवा इलाज न होने के कारण मौत के आगोश में जा रहे है वही आये दिन संरक्षण में रखे गए गोवंशों की मौत का सिलसिला अनवरत जारी है ।
रविवार के दिन अखबार की टीम मौके पर वास्तविक स्थिति को जानने पहुची तो एक गोवंश की तो मौत हो चुकी थी और दूसरे की सांसे धीरे धीरे चल रही थी । निर्दयता का आलम यह था कि बेजुबान को तपती दोपहरी में मरने के लिए खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया था । वहां नियुक्त एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की अधिकांश पशुओ की मौत उचित दवा इलाज न होने के कारण होती रहती है । चारे का भी पर्याप्त प्रबंध नही है । इस सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कृष्णद्देव से बात करने पर सब व्यवस्था होने की बात की गयी है । स्थानीय लोगो ने सम्पैथी दिखाते हुए यह आवाज मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन तक पहुॅचाने की बात कही जिससे शायद जिला प्रशासन चैकन्ना हो और गौ वंश को कुछ राहत मिल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here