धर्मांतरण और भारतीय संविधान आए दिन समाचारों के सुर्खियों में – डॉ पी के सिन्हा

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दैनिक सृजन नेशनल न्यूज नेटवर्क ब्यूरो रिर्पोट नई दिल्ली। 
राष्ट्र सृजन अभियान प्रमुख
अंतर्राष्ट्रीय चिंतक व  विचारक एवं राष्ट्रवादी  प्रखर  वक्ता  डॉ पी के सिन्हा ने कहा कि जब से  होश संभाला है,
इस समाचार से निरन्तर अवगत होता ही रहा हूँ। वर्तमान में भी इस विषय से संबंधित
समाचारों की गर्मी प्रिन्ट एवं इलैक्ट्राॅनिक मीडिया में व्याप्त है, अभी दो दिन पहले ही
इसी आरोप में मेरठ से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है- ‘‘अवैध धर्मांतरण के
लिए ब्रिटेन की संस्था से भेजे गए थे 57 करोड़’’ आप सभी इस तथ्य से अवगत हैं।
इस समस्या के संबंध में इतिहास सहित प्रबुिद्धजनों, लेखकों, विचारकों एवं
मनीषियों द्वारा लिखी गई अनेंकों पुस्तकें इस सत्य और तथ्य का ज्वलंत प्रमाण है कि
हिन्दुओं के धर्मांतरण का यह कुकृत्य यहीं पर रूकनेवाला नहीं है, भविष्य में भी यह
चलता रहेगा, बशर्ते कि राज्य स्तरीय कोई कठोर कार्रवाई न कर दी जाए। हम यह
भी जानते हैं कि राज्य द्वारा ऐसी घटनाओं को केवल राजनीतिक लाभ की दृष्टि से
देखा जाता है। अतः आवश्यक यह है कि हर समस्या के समाधान के लिए हम केवल
राज्य पर ही निर्भर न रहें, अपितु सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्तर पर स्वयं भी कुछ
सार्थक प्रयास करें।
यह बिल्कुल उचित प्रतीत नहीं होता है और यह कदापि शोभनीय भी नहीं है कि
सदियों से हम किसी समस्या से पीड़ित रहें और आज पर्यन्त भी उसका समाधान नहीं
ढूंढ़ सकें, यह अत्यंत लज्जा की बात है। यह बात हमारे सम्पूर्ण सनातन समुदाय की
प्रज्ञा, मेधा, क्षमता, बुद्धि, कौशल, पाण्डित्य, कर्तव्यपरायणता शौर्य…. आदि पर भी अति
गम्भीर प्रश्न खड़ा करती हैǃ
संविधान की जानकारी रखनेवाले सभी मनीषियों, अधिवक्ताओं, प्रबुद्धजनों एवं
सनातन धर्म और संस्कृति के सभी शुभचिंतकों तथा धर्मगुरूओं से यह आग्रह एवं
विनम्र निवेदन है कि कृपया बताएं कि संविधान एवं भारत की वर्तमान विधियों के
अनुसार धर्मांतरण कराने की अनुमति है या नहीं।
सनातन धर्म और संस्कृति से युक्त भारत के भविष्य के बारे में तनिक भी चिन्ता
है तो इस संदर्भ में अनिवार्य चिन्तन करें।
तब तक इस समस्या के समाधान के रूप में मैं यह प्रश्न आप सबों के समक्ष
रखना चाहता हूं कि जिस प्रकार अन्य मजहबों एवं पंथों के लोग हिन्दुओं का
धर्मांतरण करते हैं, उसी प्रकार हिन्दू भी अन्य लोगों का धर्मांतरण क्यों नहीं करते ǃ 

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