Home राज्य दिल्ली बाढ़ से प्रभावित होने वाले राज्य भारत सरकार के साथ मिलकर एक...

बाढ़ से प्रभावित होने वाले राज्य भारत सरकार के साथ मिलकर एक प्रभावी दीर्घकालिक योजना बनाएं – डाॅ पी के सिन्हा

वैश्विक महामारी ही नही बाढ़ से भी जूझ रहे आसाम व बिहार
बिहार के 11 तो आसाम के 23 जिलो में जल प्रलय का दृश्य

डॉ पी के सिन्‍हा की दैनिक सृजन से खास बातचीत

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से पूरा देश त्राहिमाम कर रहा है वही बाढ़ ने  भी कुछ कम प्रलय नही मचाया है । बिहार और आसाम में आई भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। बिहार और आसाम राज्य से मिल रही सूचनाएं एवं व्योरा बता रहा है कि अकेले आसाम में अब तक 126 से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई ।

बिहार के सिर्फ दरभंगा में लगभग 9 लाख लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तर बिहार के 11 जिलों के निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। जबकि असम में 23 जिलों में चारों तरफ पानी ही पानी है। यह कोई अचानक पैदा हुई आपदा नहीं है, बल्कि प्रत्येक वर्ष बिहार और आसाम ही नहीं पूर्वोत्तर के कई राज्यों की विशाल जनसंख्या इस मौसमी कहर का शिकार बनती है।

इस विषय पर दैनिक सृजन से खास  चर्चा करते हुए राष्ट्र सृजन अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह अंतरराष्ट्रीय चिंतक व विचारक डॉ पी के सिन्हा ने प्रभावितों की मदद करने के लिए सरकार के बजटीय प्रावधान की बात पर भी बल दिया लेकिन उन्होंने कहा कि अच्छी खासी रकम हर साल व्यय करने के बावजूद ऐसा कोई साल नहीं होता जब कुदरती मार से दुखी लोग सरकारी इंतजामों से संतुष्ट नजर आते हो । इस बार भी राज्य प्रशासन, एनडीआरएफ की टीम और स्वयंसेवी संगठन सहायता में लगातार जुटे हैं । इसमें कोई दो राय नहीं कि इस साल की स्थिति अधिक भयावह और जटिल है। भारत के अनेक राज्यों की तरह बिहार और असम में कोरोना संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है । बिहार में संक्रमितों की संख्या 40000 से अधिक है वहीं आसाम में भी 35 हजार के आसपास संक्रमित की संख्या पहुंच गई है। लोगों को सिर्फ कोरोना की चुनौती में काफी सावधानी से जूझना है बल्कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में कोई नई महामारी न फैले इसका भी ध्यान रखना आवश्यक है।
डॉ सिन्हा ने बताया कि यही मौका है कि हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होने वाले राज्य भारत सरकार के साथ मिलकर एक प्रभावी दीर्घकालिक योजना बनाएं और इस समस्या के ठोस निदान व स्थाई समाधान निकालें । भारत के पूर्व यशस्वी प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई ने कहा था कि भारत में बाढ़ से निजात मिल सकती है अगर नदियों का एकीकरण कर दिया जाए। नदियों को नदियों से जोड़ दिया जाए तो बाढ़ से राहत मिल सकती है । बिहार आसाम जैसे बाढ़ ग्रस्त इलाके के लोगों को इस स्थाई शोक से मुक्ति दिलाने के लिए देश को एकजुट प्रयास करने की आवश्यकता है।

Krishna Srivastava
मै के सी श्रीवास्तव एड0 पिछले 20 वर्षो से प्रिन्ट मिडीया के क्षेत्र में जिला संवाददाता के रूप में कार्य करता आ रहा हॅू । साथ ही साथ इसके अब आप के बीच दैनिक सृजन नेशनल न्यूज नेटवर्क के माध्यम से भी आप की खबरों को नया आयाम देने के लिए तत्पर हूॅ । खबरों व विज्ञापन को हमारे वाट्सअप न0 9935932017 पर भेज सकते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

चकिया में यहां घटा दर्दनाक रोड हादसा,तीन हुए गम्भीर रूप से घायल ,

अवधेश दूबे की रिर्पोट दैनिक सृजन नेशनल न्यूज नेटवर्क चकिया। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मुरारपुर मोड़ के पास सोमवार की रात्रि लगभग 8 बजे अभी...

भगवा रंग में सराबोर अयोध्या, हर घर पर सजा राम ध्वज

दैनिक सृजन नेशनल न्यूज नेटवर्क अयोध्‍या ।एजेंसी । श्रीराम मंदिर भूमि पूजन की तिथि एकदम नजदीक आने के साथ ही अयोध्या में उत्सव बढ़ता...

सी आर पी एफ ने नक्‍सलियों की खोज में की सघन काम्बिंग

बृजेश केशरी की रिर्पोट  दैनिक सृजन नेशनल न्यूज नेटवर्क नौगढ़ ।सी आर पी यफ 148 बटालियन प्रभारी कमांडेंट मनोज कुमार सिकोन के निर्देश पर द्रितीय...

कोरोना पर भारी रहा रक्षा बंधन का उत्‍साह

सैदूपुर से अनिल दूबे की रिपोर्ट - - दैनिक सृजन नेशनल न्यूज नेटवर्क सैदूपुर,चकिया । सैदूपुर में कोरोना संक्रमण काल के दौरान पडऩे वाले रक्षाबंधन...

रक्षाबंधन पर खरीददारी करने में उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां

चकिया से तरूण कान्‍त की रिर्पोट  दैनिक सृजन नेशनल न्यूज नेटवर्क चकिया ।श्रावण के आखिरी सोमवार व रक्षाबंधन कर पर्व पर चकिया नगर में खूब...